विकास के लिए परिवर्तन कैसे आवश्यक है ? (vikaas ke lie parivartan kaise aavashyak hai)

प्रत्येक मानव में पूर्ण विकास की सम्भावना उपस्थित है और हमें उसके लिए जागरूक रहना चाहिए । विकास के लिए परिवर्तन आवश्यक है । परिवर्तन के मार्ग में अनेक कठिनाइयाँ आती हैं । हमें सकारात्मक विचारों द्वारा उन पर विजय प्राप्त करनी है । इस प्रकार हम नित नए मानव …

Read more

गुण के ग्राहक – निबंध हिंदी में [ Gun Ke Grahak Nibandh In Hindi ]

लक्ष्मणजी के तीरों के प्रहार से रक्त रंजित हुआ मेघनाद का शव भूमि पर पड़ा था । मेघनाद की पत्नी सुलोचना को रावण ने आदेश दिया कि वह निःसंकोच श्रीराम के पास जाकर पति के शव को अन्त्येष्टि के लिए लौटाने की याचना करे । वह एक महिला को कदापि …

Read more

पुस्तकों को मातृरूप में देखना चाहिए – निबंध हिंदी में [ Pustakon Ko Matrirup Me Dekhna Chahiye ]

SHOW CONTENTS (TOC) प्रस्तावना पुस्तकों को मातृरूप में देखने वाले और उनके प्रति मातृवत् व्यवहार करने वाले व्यक्ति सदैव माँ के स्नेहासिक्त् वरदहस्त की अनुभूति करते हैं । पुस्तकों का अध्ययन व्यक्तित्व को पूर्णता प्रदान करता है । धूर्त इस अध्ययन की भर्त्सना करते हैं , मूर्ख उसकी प्रशंसा मात्र …

Read more

प्रकृति से प्रेरणा – निबंध हिंदी में [ Prakriti Se Prerana Nibandh In Hindi ]

नमस्कार दोस्तों, जैसा कि आप मे से ज्यादातर लोग यह जानते हैं कि प्रकृति हमारे लिए कितनी महत्वपूर्ण है और विश्व पर्यावरण दिवस तथा अन्य किसी भी दिवस में कई स्थानों में तो प्रकृति के लिए जागरूकता पैदा करने के लिए भाषण और निबंध की प्रतियोगिता आयोजित की जाती हैं। …

Read more

भारत दुर्दशा की संवेदना – भारत की दुर्दशा तथा उसके कारण [ Bharat Durdasha Ke Karan ]

भारत दुर्दशा भारतेन्दु हरिश्चन्द्र द्वारा 1875 ई. में रचित एक लघु नाटक है जिसमें उनकी नवजागरण चेतना और राष्ट्रीय बोध विस्तृत रूप से अभिव्यक्त हुआ है । इस प्रतीकात्मक नाटक में भारतेन्दु ने भारत की दुर्दशा के सभी पक्षों को कुछ काल्पनिक प्रतीकों के माध्यम से स्पष्ट किया है । …

Read more

साहित्य जनसमूह के हृदय का विकास है – बालकृष्ण भट्ट कृत [ Sahitya Jan Samuh Ke Hriday Ka Vikash Hai ]

बालकृष्ण भट्ट भारतेंदु युग के प्रतिनिधि निबंधकार हैं जिनके निबंध लेखन में इस युग की सर्वाधिक सृजनात्मक प्रवृत्ति दिखाई पड़ती है । प्रस्तुत निबंध भारतेंदु युग में खड़ी बोली हिन्दी को बाल्यकालीन अवस्था के बावजूद हिन्दी गद्य के सृजनात्मक प्रयोग का प्रारंभिक एवं प्रतिनिधि उदाहरण है । इस निबंध में …

Read more

[ 14 September Hindi Divas Speech In Hindi ] हिंदी दिवस में भाषण प्रतियोगिता में ऐसा भाषण आपकी पहचान बदल देगा ।

नमस्कार दोस्तों, जैसा कि आप मे से ज्यादातर लोग यह जानते हैं कि 14 सितंबर को हिंदी दिवस ( Hindi Divas ) मनाया जाता है और यह भी आप जानते ही है कि कई जगह तो भाषण और निबंध की प्रतियोगिता आयोजित की जाती हैं। फिर ऐसे में उन प्रतियोगिताओं …

Read more

अनुसूचित जातियों की समस्याएं , संवैधानिक व्यवस्थाएं तथा सम्बन्धित अधिनियम [ Problems , Constitutional Provisions and Related Legislation of SCHEDULED CASTES ] विस्तृत जानकारी

नमस्कार दोस्तों , जैसा कि आप Title में देख चुके हैं कि आज हम अनुसूचित जातियों को लेकर एक विस्तृत जानकारी आपके साथ साझा करने वाले हैं । आज के इस आर्टिकल में हम अनुसूचित जातियों की समस्याएं , संवैधानिक व्यवस्थाएं तथा सम्बन्धित अधिनियम [ Problems , Constitutional Provisions and Related …

Read more

जीवन – पद्धति को लोकतान्त्रिक कैसे बनाएं [ how to Make the way of life democratic ]

जीवन – पद्धति को लोकतान्त्रिक कैसे बनाएं [ how to Make the way of life democratic ] स्वतन्त्रता के 70 वर्ष बाद भी हम लोकतन्त्र की भावना को अपने जीवन की प्रेरणा शक्ति नहीं बना पाए हैं । साम्प्रदायिक दंगे , अपहरण , बलात्कार , रालोकीतिक हत्याएं , आतंकवादी घटनाएं …

Read more

पुस्तक के ज्ञान को व्यवहार में कैसे लाएं । How to bring book knowledge into daily life.

पुस्तक के ज्ञान को व्यवहार में कैसे लाएं । How to bring book knowledge into daily life. Knowledge becomes wisdom only after it has been put to practical use. जानकारी का भण्डार समृद्ध करना छात्र – छात्राएँ , विशेषकर , जो प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं , …

Read more